आज पूरे बिश्व मे ईको फ्रेंडली पर्व मनाने पर जोर दिया जा रहा है भारत जैसे देश मे सभी धर्मो के लोग रहते हैं और कोई भी अंद्विस्वास को बडावा देना नही चाहता है धर्म के नाम पर शिवाय एक धर्म को छोड़ कर , जैन ,बुध,शिख,धर्म अहिंसक है और हिन्दू धर्म से बलि प्रथा समाप्ति की कगार पर है और फ़ारसी, यूदी ,ईसाई जागरूक होने के कारण् हिंसक पर्वों का समर्थन नही करते है परंतु जब भी कोई इस्लाम मे बकरीद पर होने बाली हिंसक जीव हत्या के खिलाफ आबाज़ उठाता है तो वो इस्लाम धर्म पर हमला कैसे हो जाता है ध्यान रखने की बात एह है जिस यूदी धर्म के इब्रहिम से कुर्बानी की परम्परा चली थी उसी यूदी धर्म के लोग आज उसे त्याग चुके है पर मुस्लिम आज भी लकीर के फ़कीर बने हुए है और संविधान, कानून, शरिया, आज़ादी, धर्मनिरपेक्षता का बहाना लेकर चीखने लगते है की एह हमारे धर्म पर हमला है खतरा है, में इनसे पूछने चाहता हून की अगर अंधविस्वास के कारण जीव की कुर्वानी देना अगर धर्म है तो फिर अधर्म क्या है ?
Link 2= ईको फ्रेंडली ईद पर बह्स का हाल ,
अब समय आ गया है जब दुनिया को सोचना होगा की जिस धर्म के लोग बेज़ुबां जीव हत्या को कुर्वानी का नाम देकर हो हल्ला करते है उस धर्मे के बच्चो को आतंकी कितनी आसानी से हिंसा के लिय बहका सकते है इसका अंदाजा आसानी से लगाया जेया सकता है.
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