बुधवार, 2 अप्रैल 2014

मुल्ला पूजन और दलितों की अनदेखी भाजपा को महन्गी सवित हो सकती है


मुल्ला पूजन और दलितों की अनदेखी भाजपा को महन्गी सवित हो सकती है , भाजपा जिस कदर मुल्ला पूजन मे लगी है उससे कोई जादा लाभ  नही होने बाला  है अगर इसकी  जगह अगर भाजपा दलितों को अपनी  तरफ करने  का प्रयास करती तो सायद उसका जाड़ा भला होता परंतु भाजपा अपने  नुकसान का करण खुद बन रही है उप मे भाजपा बाले उस छेत्र मे वोट मांगने जाते ही नही है जिन मे दलित लोग होते हैं कहते हैं की एह तो बसपा के वोट हैं अरे भाई वोट चाहे किसी के भी हों ,वोटर का काम है वोट देना चाहे वो किसी को दे और पार्टी का काम होता है वोट माँगना चाहे वो कोई भी क्यू ना हो , एह लोग मुस्लिम छेत्र मे तो जाते है हैं परंतु दलितों मे नही , अगर दलित किसी एक पार्टी का वोट बैंक है तो उसे दूसरी पार्टी की तरफ मोड़ने का प्रयास तो करना ही चाहिए और इस बात को नज़र अंदाज़ नही करना चाहिए की दलितों मे भी  ऐसे लोग है जो किसी एक पर्त्य को सपोर्ट नही करते हैं अगर भाजपा बाले अभी नही सुधरे  तो इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड सकती  सकती है  भाजपा बेल दलित समाज को मूर्ख ना समझे की एकाध नेता को अपने मंच पर बुला कर दलित उत्थान की बात करना पर्याप्त नही है आपको पर्याप्त मेहनत करना पड़ेगी

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