आज पूरा मीडिया हर
हर मोदी के नारे पर चीख रहा है इतना ही नही कुछ धर्म गुरु भी आपत्ती कर रहे हैं हमे
आप से कोई ऐत राज नही है परन्तु आप के दोहरे नज़रिये से ज़रूर आपत्ती है आप हर हर मोदी को तो गलत कहते हो परंतु
"ब्राह्मण् देवता" वाक्य पर कभी आपत्ती नही की है आज मीडिया को एक मोदी को
हर हर कहने पर आपत्ती है परंतु पूरी जाती के हर बच्चे को जन्म से ही देवता कहने बाले
इस वाक्य पर कोई आपत्ति नही है किओंकी एह वाक्य मनुवादी मीडिया( मीडिया मे काविज़ ब्राह्मणो)
को भगबान वनाता है इसलिये एह किओन विरोध करेंगे , मोदी का विरोध होगा किओंकी वो ब्राह्मण नही है और इनका मानना
है की देवता स्वरूप और कोई हो ही नही सकता है चाहे वो कितना श्रेस्ट काम करे जब की हमारा सनातन धरम नर से नारायण की बकालत करता है , इंसान अपने श्रेस्त कर्मो से देवता तुल्य बन सकता है मीडिया तेंदुलकर को भगबान कहता है और खुद ही उसका भर पुवर प्रचार भी करता है परन्तु अम्बेडकर और मोदी को देवता तुल्य कहने पर इसे खेद है एह दोहरा माप दंड मीडिया कब तक अपनायेगा
आपने हर हर मोदी का विरोध किया हमे कोई ऐतराज नही है पर आपसे इतना सबाल है की ब्राहम्ण देवता बाकय के खिलाफ कब ट्रेल चलायेगा , कब इस बाकय के खिलाफ बैठकें लगा कर चर्चा करोगे और मीडिया ऐसा नही करता है तो मीडिया को ब्राहम्ण वादी या मनुवादी किओन ना कहा जाये , क्या ऐसे आयेगी पारदर्शिता , मीडिया को शर्म आणि चाहिए
किसी के बारे
मे कोई भी
आप शव्द और
गाली देना कोई
भी राज नीति
नही कहती है
परंतु आज कुछ
लोग हैं जो
मोदी और माया
को लेकर गाली
गलौंच का प्रयोग
करते रहते है
आज . लोगों
की हिम्मत सिर्फ
ढोंगी सेक़ुलर के पकक्षपात
और सरकार के
मुस्लिम तुस्टीकरण के करण
होता है जो
अपनी मर्यादा भूल
जाते हैं और सरकार
से भी बड़ा
दोष तो हम
हिन्दुओं का है
जो दलित और
स्वर्णो मे इस
कदर टूटे पड़े
हैं की लोग
बड़ी आसानी से
हमारे सामने हाआरए
ही भाईओं को
गाली देते रहते
हैं मारेटे रहते
है और हम
देखते रहते है
हम सोचते हैं
की हमे क्या
, हम तो सुरकक्षित
हैं पिट तो
दूसरा रहा है
जिससे हमारा कोई
वास्ता नही है
जिस दिन हम
हिन्दू ( हिन्दू ,सिख ,जैन
, बुध , फ़ारसी ,आर्य समाजी,
स्वर्ण ,दलित ) सब एक
हो जायेंगे उस
दिन कोई इंसान
हमारे महापुर्षों को
गाली देने से
पहले 1000 बार सोचेगा
और तब मूह
खोलेगा
परंतु अफसोश तो इतना
है की हम
सब कभी एक
हो ही नही
सकते है हम
सब जातिवाद के
कारण ऐसे वाटे
हुए हैं जैसे एक
सुन्दर काँच टूट
कर अनगिनत टुकड़ों
में बॅट जाता
है हम लोगों
को एक होना
ही होगा अपने
लिए ना सही
अपने महा पुर्षों
के सम्मान और
देश की रक्छा
के लिए
" जब तक जातिवाद
रहेगा हिन्दुस्ता वरबाद
रहेगा"
"जातिवाद
मिटाओ
सम्मान
बचाओ"
"जातिवाद
मिटाओ
मानवता
बचाओ"
"जातिवाद
मिटाओ देश बचाओ"
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