आज इस देश
मे मीडिया मुस्लिम
कांग्रेश और ढोंगी
सेक़ुलर ज़मात एक साथ
एक स्वर मे दो
टीन शब्दों पर
बहुत चर्चा करते
हैं
1- सेक़ुलरता
को साम्प्रदायिकता से
खतरा है उनका
मतलव है मुस्लिम
को खतरा है
2-सच्चर कमेटी कहती है
की मुस्लिमों की
हालत दलितों से
भी बदतर है
इसके लिए साम्प्रदायिकता
और भ्रस्ताचार जिम्मेदार
है
3-मुस्लिमों
को अरकछन मिलना
चाहिए उनका मतलव
सॉफ है की
मुस्लिम तुस्टीकरण होना चाहिए
हम किसी पर
कोई आरोप नही
लगा रहे हैं
जो सच है
उसे कहने मे
कोई परहेज़ नही
करते हैं
1-ढोंगी सेक़ुलरों के लिए
सेक़ुलरता का मतलव
है पूर्ण रूप
से मुस्लिम तुस्टीकरण
पिछले 60 सालों से कांग्रेश
और उसके सहयोगी
दल सिर्फ और
सिर्फ एही काम
कर रहे हैं
मुस्लिम तूस्टी कर्ण करके
मुसलमानो को एक
वोट बैंक बनाया
गया है और
विकास को पीछे
रखा गया है
. साम्प्रदायिकता की बात
करते हो सबसे
ज़ादा दंगे तो
आपके राज मे
ही हुए है
2- सच्चर कमेटी का मतलव
ही एह की मुस्लिम
तुस्टीकरण के लिए
कोई नकली और
ठोस आधार बनाया
जाये हम सच्चर
कमेटी को फर्ज़ी
मानते है अगर
उसमे कोई ज़रा
सी भी सच्चाई
है तो उसके
लिए मुस्लिम और
सरकार खुद ज़िम्मेदार
है इसके लिए
दलितों का हक
चीन कर मुस्लिमों
को देना सारा
सर अन्याय है
हम इसकी निन्दा
करते हैं इसके
कुछ करण हम
नीचे प्रिंट कर
रहे हैं
3- मुस्लिमों
को अरकछन सरसर
गलत और अनन्याय
पूर्ण है सिर्फ
और सिर्फ मुल्ला
पूजन है वोट
बैंक की राजनीति
है
कारण
1- हर दिन सेक़ुलरता
पर बात करके
और मुस्लिमों की
दयनीय अवस्था को
दिखाना उआर दलितों
को नज़र अंदाज़
करना सेक़ुलरता की
आद मे अम्बेडकरवाद
को खतम करने
की साज़िस है
जिसे कभी कामयाव
नही होने दिया
जायेगा अम्बेडकर साहव ने
कभी एह नही
कहा था की
तुम मुस्लिमो के
लिए दलितों को
नज़र अंदाज़ करना कांग्रेश
और छदम सेक़ुलरों
ने हमेसा से
एही किया है
2-दलित हज़ारो वर्षों से
पीड़ित और शोसित
है मुस्लिम नही
3- दलितों ने देश
पर कभी राज
नही किया था
मुसलमानो ने कई
सौ वर्षों राज
किया है 4-दलितों
ने इस देश
की संस्क्रति वृीसता
को कोई नुकसान
नही किया है
परंतु मुस्लिम शासकों
ने किया है
5- दलितों ने कभी
दंगे नही किए
है परंतु अलगाव
वादी मुस्लिम ऐसा
करने मे सबसे
आगे हैं
6-दलितों ने कभी
अलग देश नही
मांगा है परंतु
मुस्लिम हमेशा ऐसे काम
करते रहे हैं
7-दलितों ने देश
की टुकड़े नहीकर
बाये
8- दलित कभी पाकिस्तानी
झंडे नही फहराता है
9-दलित वन्देमातरम
कहने से परहेज़ नही करता है
10-दलित खेलों मे पाकिस्तान
जिंदाबाद और हिन्दुस्तान मुर्दा बाद के नारे नही लगाता है
11-दलित कभी अपने मंदिरों
मे हतयार नही रखता है
12-दलित मे अगर किसी
के बच्चों की सांख्या ज़ादा है तो वो अग्यान्ता से हो सकती है किसी मझवी गुरु के कहने
से योजना बढ तरीके से नही बड़ातः है देश पर कवज़ा करने को 13-दलित आतंकवादी नही वनता
है परंतु ...................................
14-दलित पोलीयो के
ड्रॉप को अपने बच्चों को पिलाने से परहेज़ नही करता है
15-दलित किसी भाषा
का अपमान नही करता है
16- अगर कोई दलित के
महा पुरुष का अपमान पस्चिम मे होता है तो भारत की सम्पतिई में आग नही लागात है
परंतु मुस्लिमों की
इस्थिति इसके उलट ही होती है
आज भी दलित ही सबसे
जाड़ा पीड़ित और भेदभाव का सिकार है परन्तु वो हर चोट मोती बात पर उपद्रव नही काटता
है
कांग्रेश ने सिर्फ
और सिर्फ दलितों के साथ अनन्य्या ही किया है मुस्लिम तुस्टीकरण करके दलितों को अविकास
की खाई मे फैंक दिया है
1-आज ऐक्टर मुस्लिम
हैं पर कोई दलित नही है
2-मीडिया चैनल मुस्लिमों
के हैं परंतु दलितों के नही है
3- सिंगार , संगीतकार
, हर छेत्र मे मुस्लिम आगे हैं परंतु दलितों का कोई नाम नही आता है ऐसा सिर्फ इसलिए
है कांग्रेश ने सिर्फ मुस्लिम तुस्टीकरण करके मुस्लिमों को आयेज बड़ाया है दलितों को
आगे बडाना तो दूर की बात उनेह पास बिताना भी पाप समझते है एक छेत्र है जिसमे अरकछन
के करण मजबूरी मे दलितों को रखना पड़ता है वो है राजनीति पर उसमे भी उन्ही को आयेज
बड़ाया है जी ग़ुलाम टयप और कठपुतली की . के होते है आगरा अरकछन नही होता तो राजनीति
मे भी दलित कंही नही दिखते सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम ही दिखते और आज़ वो करने भी लगे
है आज दलितों को सिर्फ आरकसित सीटों से लडवाया जाता है अन्य से नही परंतु मुस्लिमों
को लड़बाया जाता है
कॅब तक हम दलितों से
भेद भाव करोगे उर कब तक हम चुप बैठे रहेंगे अब तो हद कर दी है सच्चर कमेटी बना कर दलितों
का अरकछन भी छीनने का प्लान इन सेक़ुलरों ने कर लिया है आज भी अगर दलित इन सबका प्लान
नही समझे तो एह लोग तुस्टीकरण और सेक़ुलरता की आध मे दलितों को अविकास की गर्त मे डाल
देंगे और दलितों पर पहले की तरह ही अत्याचार होने लगेंगे
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