एक"Sick"ular
सेकुलर रोग से ग्रसित हिंदू एवं उसके मुसलमान दोस्त के बीच वार्तालाप कुछ इस तरह से ही होती है.....
हिंदू = सभी धर्म एक हैं भाई
मुसलमान = पर इस्लाम ही सबसे सच्चा और अच्छा मजहब है .इस्लाम जिंदाबाद !
मुसलमान = पर इस्लाम ही सबसे सच्चा और अच्छा मजहब है .इस्लाम जिंदाबाद !
हिंदू = आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता
मुसलमान = लेकिन मुसलमानों को उनका हक़ नहीं मिला और उनपर बहुत अन्याय हुआ है...!
मुसलमान = लेकिन मुसलमानों को उनका हक़ नहीं मिला और उनपर बहुत अन्याय हुआ है...!
हिंदू = तुम पाकिस्तान को क्रिकेट में सपोर्ट क्यों करते हो ?
मुसलमान = यार हम तो अच्छे खेल का सपोर्ट करते है
मुसलमान = यार हम तो अच्छे खेल का सपोर्ट करते है
हिंदू = हमारे देश के सारे नेता चोर हैं ...
मुसलमान = मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेगा
मुसलमान = मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनेगा
हिंदू = आज मंगलवार है और, मुझे मंदिर जाना है भाई
मुसलमान = हा हा हां .....ये मंदिर जाने की उम्र है .....
मुसलमान = हा हा हां .....ये मंदिर जाने की उम्र है .....
हिंदू= चल यार फिल्म देखने चलते हैं
मुसलमान = नहीं यार, आज शुक्रवार है मुझे जुम्मे की नमाज़ पढने जाना है
मुसलमान = नहीं यार, आज शुक्रवार है मुझे जुम्मे की नमाज़ पढने जाना है
हिंदू = भगवान तो अंदर मन में हैं....बाकी सब अन्धविश्वास है.
मुसलमान = सिर्फ अल्लाह ही सब जगह है ...बाकी सब बकवास है...
मुसलमान = सिर्फ अल्लाह ही सब जगह है ...बाकी सब बकवास है...
हिंदू = चल आज चिकन खाया जाए मुसलमान = नहीं यार....हम लोग हलाल ही खाते है
हिंदू = ईद मुबारक हो
मुसलमान = तुम लोग दीपावली पर इतने पैसे क्यों बर्बाद करते हो ????
मुसलमान = तुम लोग दीपावली पर इतने पैसे क्यों बर्बाद करते हो ????
हिंदू = यार रुखशाना का नम्बर जुगाड़ कर दे
मुसलमान = नहीं यार... वो ऐसी लड़की नहीं है
मुसलमान = नहीं यार... वो ऐसी लड़की नहीं है
=== आईये अब ज़रा नज़रिया बदल कर देखते हैं ===
मुसलमान = यार..... नेहा का नम्बर जुगाड़ कर दे
हिंदू = कल शाम तक तुम्हे मिल जाएगा .... एक दोस्त का वादा है
हिंदू = कल शाम तक तुम्हे मिल जाएगा .... एक दोस्त का वादा है
मुसलमान= ये आसाराम , रामदेव सब पाख़ंडी हैं
हिंदू = ये साले सब चोर हैं......भगवान तो दिलो में होता है
हिंदू = ये साले सब चोर हैं......भगवान तो दिलो में होता है
मुसलमान = ये भाजपा , संघ सब साम्प्रदायिक हैं
हिंदू = हाँ यार....ये सब राम का नाम बेच कर खाते है
हिंदू = हाँ यार....ये सब राम का नाम बेच कर खाते है
मुसलमान = मुसलमानों को अमेरिका ने बदनाम किया हुआ है
हिंदू = सही बात.... सारे मुसलमान एक जैसे नहीं होते है
हिंदू = सही बात.... सारे मुसलमान एक जैसे नहीं होते है
मुसलमान = साड़ी में हिंदू लड़कियां अपना सब कुछ दिखा देती हैं
हिंदू = ये साली ऐसी ही लौंडियाँ है
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मुसलमान= तुमलोगों ने कितने भगवान बना रखे है ?
हिंदू दोस्त = हा हा हा हा
हिंदू = ये साली ऐसी ही लौंडियाँ है
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मुसलमान= तुमलोगों ने कितने भगवान बना रखे है ?
हिंदू दोस्त = हा हा हा हा
मुसलमान= आमिर खान इस द बेस्ट
हिंदू = शाहरुख खान इस द बेस्ट
हिंदू = शाहरुख खान इस द बेस्ट
हिंदू (मन मे) = सेक्युलरिज्म से देश मे अमन और भाईचारे का राज होगा ....
मुसलमान (मन मे) = बेटा अभी सेक्युलरिज्म गुनगुना लो .. लेकिन बहुत जल्द यहा सब चीजो पर मुसलमानो का राज होगा ...
मुसलमान (मन मे) = बेटा अभी सेक्युलरिज्म गुनगुना लो .. लेकिन बहुत जल्द यहा सब चीजो पर मुसलमानो का राज होगा ...
अब आप खुद ही सोचें कि ..... इन सेकुलरों की मानसिकता कैसी होती है....???
मुस्लिम चाहे एमए पास हो,तब भी"इस्लाम इस्लाम"करता है..लेकिन हिंदू पैदा होते ही"Humanity"बोलना पहले सीख जाता है........
मुस्लिम चाहे एमए पास हो,तब भी"इस्लाम इस्लाम"करता है..लेकिन हिंदू पैदा होते ही"Humanity"बोलना पहले सीख जाता है........
यह कैसे सम्भव है पूछिए अपने आप से - कैसे वो अरबी मजहब किसी ऐसे व्यक्ति को सहन कर सकता है जो किसी अन्य पद्धति का पूजक हो?
क्या हमारे शिक्षक, बुद्धिजीवी एवं धर्म प्रचारक इस सत्य से अनभिज्ञ थे? यदि हाँ, तो उनका पहला कर्तव्य क्या था?
क्या यह नही कि पहले वे स्वयं शिक्षित हो जाते और फिर दूसरों को शिक्षा देते?
क्या हमारे शिक्षक, बुद्धिजीवी एवं धर्म प्रचारक इस सत्य से अनभिज्ञ थे? यदि हाँ, तो उनका पहला कर्तव्य क्या था?
क्या यह नही कि पहले वे स्वयं शिक्षित हो जाते और फिर दूसरों को शिक्षा देते?
जब हिन्दू को यह बताया जाता है कि सभी धर्म एक समान हैं तो वह सभी धर्मों को एक दृष्टि से देखता है और खतरे से वह पूरी तरह अनभिज्ञ रहता है।.....
हिंदू बच्चा अपने विद्यालय के शिक्षक पर विश्वास करता है। शिक्षक कहता है - सभी धर्म समान हैं।
हिंदू बच्चा एक दिन बड़ा होता है एवं प्रौढ़ बन जाता है और तब अपने इस विश्वास को अपने बच्चों के लिए विरासत में छोड़ जाता है।
हिंदू बच्चा एक दिन बड़ा होता है एवं प्रौढ़ बन जाता है और तब अपने इस विश्वास को अपने बच्चों के लिए विरासत में छोड़ जाता है।
हिंदू इसके आगे नहीं सोचता। उसकी जिज्ञासा यहीं शांत हो जाती है। वह व्यस्त हो जाता है अपने परिवार के लिए रोटी, कपड़ा, मकान जुटाने में एवं उनके लिए एक सुरक्षित भविष्य की व्यवस्था करने में। उसे इस बात का अहसास नहीं होता कि एक दिन
आयेगा जब उसे - या फिर उसकी संतति को - उस अप्रिय सत्य का सामना करना पड़ेगा जिसे वह अनदेखा कर रहा है,पर तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।
आयेगा जब उसे - या फिर उसकी संतति को - उस अप्रिय सत्य का सामना करना पड़ेगा जिसे वह अनदेखा कर रहा है,पर तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।
जो लोग करोड़ों हिन्दुओं को बताते हैं कि सभी धर्मों के ईश्वर एक ही हैं -क्या उन्हें इस बात का एहसास है कि वे हिन्दुओं को कितनी हानि पहुँचा रहे हैं -उन हिन्दुओं को जिन्होंने अपना विश्वास उन्हें अर्पित किया है।
इस प्रकार से आप एक आम हिंदू को बिल्कुल निहत्था कर देते हैं ,जितनी सावधानी की कम से कम आवश्यकता है, उसे भी वह ताक पर रख देता है।
उधर एक चालाक लोमड़ी इस ताक में बैठी है कि कब उन्हें खा सके, और आप उन्हें सिखाते हैं कि उसका स्वागत कर दोनों हाथ
फ़ैला कर, और उसे गले लगा।
फ़ैला कर, और उसे गले लगा।
आपकी सोच कितनी महान है - ईश्वर का निवास सभी जीवों के अन्दर होता है - उस लोमड़ी में भी भगवान हैं, ठीक उसी प्रकार से जैसे तुममें हैं - अतः तू उसे गले लगा।
क्या हम हिंदुओं के प्रति न्याय कर रहे हैं -उनसे यह कह कर कि अपनी आँखों पर पट्टी बाँध लो, अपने कान ढ़ाँप लो, अपने होठों को सी लो - इस प्रकार उन्हें पूरी तरह निहत्था कर दो ताकि वे आत्मरक्षा तक न कर सकें -बस केवल अपने अन्दर झाँकते रहें
इस विशेष मजहब के कारण हिंदू अपने देश मे ही हमेशा नुकसान उठाते आये है और आगे भी उठाते रहेंगे !
लेकिन चाहे हमारे जितनी दुर्गती हो जाये , पर हम कभी सावधान और ताकतवर नही बनेंगे और सब कुछ यूँ ही गवाते रहेंगे ...
बस फिर कोई ईमोशनल मौका आयेगा और फिर हमे कीडा काटेगा सेक्युलरिज्म का ..!
लेकिन चाहे हमारे जितनी दुर्गती हो जाये , पर हम कभी सावधान और ताकतवर नही बनेंगे और सब कुछ यूँ ही गवाते रहेंगे ...
बस फिर कोई ईमोशनल मौका आयेगा और फिर हमे कीडा काटेगा सेक्युलरिज्म का ..!
हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि क्या यह हमारी महानता की ओर संकेत करता है या फिर हमारी मूर्खता की ओर?
ईश्वर ने हमें हमारे कन्धों पर एक मस्तिष्क दिया है और वह हमसे आशा करता है कि हम उसका सदुपयोग करें -अपने हितों की रक्षा के लिए।
हमें इतना भोला-भाला भी न होना चाहिए कि हम देखने से इंकार करें, उस समस्या को जो हमारी नज़रों के सामने है....
इसलिए जरूरत हमे इमोशनल न होकर खुद को मजबूत और ताकतवर बनाने की है ...
क्योकि शांति तभी स्थायी हो सकती है ,जब हम खुद को मजबूत बनाये और सेक्युलरिज्म की वजह से भावुक न होकर खुद को प्रैक्टिकल बनाए और हमेशा हर चीज के लिए तैयार रहे !
क्योकि शांति तभी स्थायी हो सकती है ,जब हम खुद को मजबूत बनाये और सेक्युलरिज्म की वजह से भावुक न होकर खुद को प्रैक्टिकल बनाए और हमेशा हर चीज के लिए तैयार रहे !
(नोट- जिन सेक्युलरो को ये लेख कड़वा या बुरा लगे उनसे क्षमा मांगता हू ,वो कृप्या जोधा अकबर की डीवीडी लगाकर अपना मूड़ ठीक कर ले )
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